UPSC प्रीलिम्स और मेन्स के लिए आज की 33 ज़रूरी खबरें — मुख्य तथ्य और UPSC एंगल के साथ।
Science & Technology
CHIME टेलीस्कोप ने रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट के सहयोग से खोजा प्राचीन हाइड्रोजन सिग्नल
कनाडा के CHIME रेडियो टेलीस्कोप ने भारतीय वैज्ञानिकों (रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट - RRI) के सहयोग से 5 अरब वर्ष पुराने न्यूट्रल हाइड्रोजन सिग्नल का पहला स्वतंत्र मापन किया है। इस अध्ययन में बाहरी ऑप्टिकल आकाशगंगा डेटा की मदद लिए बिना केवल 21-सेंटीमीटर रेडियो उत्सर्जन तकनीकों का उपयोग कर हाइड्रोजन का मानचित्रण किया गया। यह सफलता डार्क एनर्जी की प्रकृति और ब्रह्मांड के त्वरित विस्तार को समझने के लिए एक अत्यधिक किफायती और सटीक मार्ग प्रदान करती है ।
CHIME (Canadian Hydrogen Intensity Mapping Experiment) टेलीस्कोप ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा में स्थित है
रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) का स्वायत्त संस्थान है
न्यूट्रल हाइड्रोजन का 21-सेमी रेडियो उत्सर्जन (Hyperfine Transition) ब्रह्मांडीय विस्तार को मापने में उपयोगी है
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा: CHIME टेलीस्कोप, 21-सेंटीमीटर न्यूट्रल हाइड्रोजन लाइन और रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट। मुख्य परीक्षा (GS-3): खगोल भौतिकी, ब्रह्मांड विज्ञान एवं वैश्विक वैज्ञानिक अनुसंधान में भारतीय संस्थानों का योगदान।
Source: Department of Science and Technology
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने दिल्ली हेतु AI-संचालित ITMS परियोजना को दी मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1,789.52 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से दिल्ली पुलिस द्वारा संचालित किए जाने वाले इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को मंजूरी दी। यह परियोजना दिल्ली के 42 प्रमुख यातायात गलियारों में एडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम और रियल-टाइम एआई कैमरों के जरिए वाहनों की गतिशीलता का प्रबंधन करेगी। यह पहल आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से शहरी यातायात सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होगी ।
परियोजना परिव्यय: ₹1,789.52 करोड़ (कार्यान्वयन एजेंसी: दिल्ली पुलिस)
42 प्रमुख यातायात गलियारों पर 3 चरणों में 24 महीनों में क्रियान्वयन
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा: इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), एडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल और ANPR तकनीक। मुख्य परीक्षा (GS-3): शहरी बुनियादी ढांचे के प्रबंधन और सड़क सुरक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का अनुप्रयोग।
Source: PIB
कैग और डिजिटल इंडिया भाषिणी ने 'CAG-BHASHINI अनुवाद' एआई टूल का किया शुभारंभ
डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (DIBD) और नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) ने संयुक्त रूप से 'CAG-BHASHINI Anuvaad' नामक बहुभाषी एआई अनुवाद उपकरण लॉन्च किया। यह समाधान आधिकारिक कैग ऑडिट रिपोर्टों और दस्तावेजों का विभिन्न भारतीय भाषाओं में उच्च-गुणवत्ता एवं संदर्भ-संवेदनशील अनुवाद सुनिश्चित करने के लिए विकसित किया गया है। यह उपकरण डेटा संप्रभुता और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जनता के लिए ऑडिट प्रक्रियाओं को अधिक सुगम व पारदर्शी बनाएगा ।
विकासकर्ता: डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD, MeitY) एवं CAG कार्यालय
उद्देश्य: आधिकारिक वित्तीय ऑडिट रिपोर्टों का भारतीय भाषाओं में सटीक अनुवाद
सुरक्षा: डेटा संप्रभुता, नियंत्रित पहुंच और मानवीय सत्यापन (Human Oversight) पर आधारित
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा: डिजिटल इंडिया भाषिणी मिशन (MeitY) और एआई भाषा मॉडल। मुख्य परीक्षा (GS-3): ई-गवर्नेंस, डेटा संप्रभुता तथा वित्तीय जवाबदेही में भारतीय भाषा आधारित एआई प्रौद्योगिकियों की भूमिका।
Source: PIB
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने RDI योजना में फंड की कमी का खंडन किया
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें दावा किया गया था कि प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने धन की कमी के कारण अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) योजना रोकी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 30 सितंबर तक प्राप्त अत्यधिक संख्या में आवेदनों की प्रशासनिक समीक्षा हेतु यह अस्थायी विराम लिया गया है, जो जल्द पुनः शुरू होगा। यह योजना अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) और DST के तहत निजी क्षेत्र के गहरे नवाचार (Deep-Tech) को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है ।
प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत एक वैधानिक निकाय है
₹1 लाख करोड़ का राष्ट्रीय अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) कोष
शीर्ष नोडल संस्था: अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) और DST
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा: प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) और राष्ट्रीय RDI कोष की संरचना। मुख्य परीक्षा (GS-3): भारत में विज्ञान व प्रौद्योगिकी के लिए वित्तपोषण, ANRF की भूमिका और डीप-टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम।
Source: PIB
ISRO के केरल स्थित केंद्रों ने 'रॉकेट रिवॉल्यूशन' थीम पर विश्व अंतरिक्ष सप्ताह घोषित किया
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के तिरुवनंतपुरम स्थित प्रमुख केंद्रों ने 4 से 10 अक्टूबर 2026 तक विश्व अंतरिक्ष सप्ताह मनाने की घोषणा की। इस वर्ष का वैश्विक विषय 'रॉकेट रिवॉल्यूशन' (Rocket Revolution) रखा गया है, जो अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रणालियों और पुन: प्रयोज्य रॉकेटों के तीव्र विकास पर केंद्रित है। यह आयोजन छात्रों और नागरिकों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रसार तथा थुम्बा (TERLS) से साउंडिंग रॉकेट प्रक्षेपण के जरिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है ।
विश्व अंतरिक्ष सप्ताह 2026 की थीम: 'Rocket Revolution'
आयोजक केंद्र: VSSC, LPSC, IISU और IIST
4 अक्टूबर (स्पूतनिक प्रक्षेपण, 1957) से 10 अक्टूबर (आउटर स्पेस ट्रीटी, 1967) तक प्रतिवर्ष मनाया जाता है
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा: विश्व अंतरिक्ष सप्ताह 2026 की थीम, स्पूतनिक-1 और बाह्य अंतरिक्ष संधि (1967)। मुख्य परीक्षा (GS-3): अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत का विकास एवं जन-जागरूकता में इसरो की भूमिका।
Source: The Hindu
कैग और भाषिणी प्रभाग ने आधिकारिक अनुवाद हेतु 'CAG-भाषिणी अनुवाद' सिस्टम लॉन्च किया
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग ने कैग कार्यालय के साथ मिलकर 'CAG-भाषिणी अनुवाद' एआई टूल लॉन्च किया। यह मंच कैग की ऑडिट रिपोर्टों और आधिकारिक दस्तावेजों का भारतीय भाषाओं में सटीक और प्रासंगिक अनुवाद करने के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है। शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के स्वदेशी उपयोग, डेटा संप्रभुता और भाषाई समावेशन के अध्ययन हेतु यह एक प्रमुख उदाहरण है。
डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (DIBD) और कैग (CAG) का संयुक्त तकनीकी नवाचार
सुरक्षा, नियंत्रित पहुंच और डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) पर आधारित समर्पित एआई मॉडल
ऑडिट निष्कर्षों और आधिकारिक प्रतिवेदनों को क्षेत्रीय भाषाओं में सुलभ बनाने का उद्देश्य
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में मिशन भाषिणी के घटकों और मुख्य परीक्षा (GS-3 व GS-2) में सार्वजनिक प्रशासन में एआई के अनुप्रयोग व ई-गवर्नेंस हेतु प्रासंगिक。
Source: PIB
फार्मा-मेडटेक क्षेत्र में 41 परियोजनाओं हेतु PRIP योजना के तहत 1600 करोड़ स्वीकृत
रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने फार्मा-मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार संवर्धन (PRIP) योजना के तहत 41 परियोजनाओं के लिए ₹1,600 करोड़ के वित्तीय आवंटन की घोषणा की। इस वित्तीय सहायता का मुख्य उद्देश्य नई दवाओं (NCEs/NBEs), कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स, बायोसिमिलर और उच्च तकनीक वाले चिकित्सा उपकरणों के घरेलू विकास को गति देना है। यह पहल भारत के फार्मास्यूटिकल क्षेत्र को जेनेरिक दवाओं के विनिर्माण से आगे बढ़ाकर पेटेंट-आधारित मूल्यवान नवाचारों की ओर अग्रसर करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
PRIP योजना का कुल परिव्यय ₹5,000 करोड़ (कार्यान्वयन: फार्मास्यूटिकल्स विभाग)
प्रथम चरण में 41 परियोजनाओं के लिए ₹1,600 करोड़ की स्वीकृति
फोकस क्षेत्र: नई रासायनिक संस्थाएं (NCEs), बायोसिमिलर और नोवेल मेडिकल डिवाइसेज
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा: PRIP (Promotion of Research and Innovation in Pharma MedTech Sector) योजना के घटक। मुख्य परीक्षा (GS-3): जैव प्रौद्योगिकी, स्वदेशी चिकित्सा उपकरण निर्माण और अनुसंधान एवं विकास (R&D)।
Source: Science & Tech
Geography & Environment
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹1.86 लाख करोड़ के हरित ऊर्जा गलियारा चरण-III को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतर-राज्य पारेषण प्रणाली (InSTS) को सुदृढ़ करने के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III (GEC-III) को स्वीकृति प्रदान की। इस योजना का लक्ष्य 135 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी और 50 GWh बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) की स्थापना करना है। ग्रिड स्थिरता में सुधार और वर्ष 2035 तक 900 गीगावाट गैर-जीवाश्म क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह पहल आवश्यक है。
कुल परियोजना परिव्यय ₹1,86,405 करोड़ तथा केंद्रीय वित्तीय सहायता ₹54,082 करोड़
135 गीगावाट (GW) नवीकरणीय ऊर्जा निकासी क्षमता विकसित करने का लक्ष्य
50 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की स्थापना का प्रावधान
योजना के कार्यान्वयन की समय-सीमा वित्त वर्ष 2032-33 तक निर्धारित
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए हरित ऊर्जा बुनियादी ढांचे और मुख्य परीक्षा (GS-3) के ऊर्जा सुरक्षा तथा नवीकरणीय ऊर्जा ग्रिड एकीकरण टॉपिक हेतु महत्वपूर्ण。
Source: PIB
मंत्रिमंडल ने 135 गीगावाट हेतु ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-III योजना स्वीकृत की
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 135 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी हेतु ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर (GEC) चरण-III योजना को मंजूरी प्रदान की है। इस योजना के अंतर्गत 2032-33 तक बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के साथ एक सुदृढ़ अंतर-राज्यीय एवं अंतर-प्रांतीय पारेषण नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति और ग्रिड स्थिरता के अध्ययन के लिए यह नीति अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कुल अनुमानित परिव्यय ₹1,86,405 करोड़
केंद्रीय वित्तीय सहायता ₹54,082 करोड़
135 GW नवीकरणीय ऊर्जा निकासी क्षमता
लक्ष्य वर्ष 2032-33
UPSC के लिए: प्रीलिम्स के लिए योजना का कुल परिव्यय और ट्रांसमिशन मॉडल उपयोगी है; मुख्य परीक्षा GS-3 के बुनियादी ढांचा और नवीकरणीय ऊर्जा खंड से संबद्ध है।
Source: PRS / Parliament
पेट्रोलियम मंत्री ने कंप्रेस्ड बायोगैस विस्तार हेतु ₹23,731 करोड़ की गोवर्धन योजना शुरू की
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने देश में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्रीय क्षेत्रक गोवर्धन योजना का शुभारंभ किया। इस 10-वर्षीय रूपरेखा (वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36) का मुख्य उद्देश्य घरेलू सीबीजी उत्पादन को लगभग दस गुना बढ़ाकर 5 एमएमएससीएमडी तक पहुंचाना है। चक्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने, जीवाश्म ईंधन के आयात बिल को घटाने और बायोमास प्रबंधन के लिए यह नीतिगत कदम अत्यंत अहम है。
योजना का कुल बजटीय परिव्यय ₹23,731 करोड़ निर्धारित
घरेलू सीबीजी उत्पादन को 10 गुना बढ़ाकर 5 MMSCMD करने का लक्ष्य
योजना के सुचारू संचालन हेतु एकीकृत गोवर्धन पोर्टल और हैंडबुक का विमोचन
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु गोवर्धन पहल के घटकों और मुख्य परीक्षा (GS-3) में बायोफ्यूल, अपशिष्ट से ऊर्जा और सतत विकास के लिए प्रासंगिक。
Source: PIB
Polity & Governance
कैंसर दवाओं की कीमतों में भारी अंतर पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने जीवनरक्षक और कैंसर रोधी दवाओं के खुदरा खरीद मूल्य तथा एमआरपी के बीच 1000 प्रतिशत तक के अत्यधिक अंतर पर गहरी चिंता जताई है। अदालत ने पाया कि ओवर-द-काउंटर न मिलने वाली इन दवाओं की अनियंत्रित कीमतों से आम नागरिकों पर गंभीर वित्तीय बोझ पड़ रहा है। यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए यह स्वास्थ्य के अधिकार, नियामक संस्थाओं और दवा मूल्य नियंत्रण तंत्र को समझने हेतु महत्वपूर्ण है।
कैंसर दवाओं में PTR और MRP के बीच 1,000% तक का अंतर दर्ज
ड्रग्स (प्राइसेस कंट्रोल) ऑर्डर (DPCO) और NPPA की नियामक भूमिका
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) और अनुच्छेद 21 के तहत स्वास्थ्य का अधिकार
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) व DPCO के नियम तथा मुख्य परीक्षा GS-2 के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं सार्वजनिक नीति हेतु प्रासंगिक।
Source: The Hindu
2008 अहमदाबाद विस्फोट मामले में मुजाहिदीन operative के मृत्युदंड पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम धमाकों के मामले में दोषी इंडियन मुजाहिदीन के ऑपरेटिव अहमद बावा की फांसी की सजा की तामील पर अंतरिम रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा दी गई पुष्टि के विरुद्ध दायर अपील पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। यूपीएससी के लिए यह मृत्युदंड के न्यायिक पुनरावलोकन, आतंकवाद निरोधी कानून और निष्पक्ष सुनवाई की संवैधानिक प्रक्रियाओं के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति ए. जी. मसीह और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की तीन-सदस्यीय पीठ
2008 अहमदाबाद सिलसिलेवार विस्फोटों में 56 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी
संविधान का अनुच्छेद 21 एवं विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया का सिद्धांत
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में अपीलीय क्षेत्राधिकार (अनुच्छेद 136) तथा मुख्य परीक्षा GS-2 में आपराधिक न्याय प्रणाली और मानवाधिकारों के संदर्भ में प्रासंगिक।
Source: The Hindu
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर डार्क पैटर्न्स रोकने हेतु उपभोक्ता संरक्षण नियमों में संशोधन
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर अनुचित व्यापारिक प्रथाओं और डार्क पैटर्न्स पर रोक लगाने हेतु संशोधित नियम अधिसूचित किए हैं। नए नियमों के अंतर्गत खोज परिणामों (सर्च इंडेक्स) में दुर्भावनापूर्ण हेरफेर करने पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा प्रायोजित उत्पादों की स्पष्ट पहचान अनिवार्य की गई है। डिजिटल बाजारों में उपभोक्ता स्वायत्तता, पारदर्शिता और डेटा नैतिकता के संरक्षण के लिए यह वैधानिक कदम आवश्यक है।
सर्च एल्गोरिदम हेरफेर पर पूर्ण प्रतिबंध
प्रायोजित सूचियों (Sponsored Listings) का अनिवार्य प्रकटीकरण
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत नियम
UPSC के लिए: प्रीलिम्स में 'डार्क पैटर्न्स' शब्दावली और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रावधान पूछे जा सकते हैं; मुख्य परीक्षा GS-2 व GS-4 में उपभोक्ता अधिकार और डिजिटल नैतिकता का भाग है।
Source: PRS / Parliament
पंचायती राज मंत्रालय ने जन योजना अभियान 2026-27 'सबकी योजना सबका विकास' शुरू किया
पंचायती राज मंत्रालय ने 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से जन योजना अभियान 2026-27 'सबकी योजना, सबका विकास' का शुभारंभ किया। इसके अंतर्गत देश की सभी ग्राम पंचायतें वित्त वर्ष 2027-28 के लिए जन-भागीदारी एवं साक्ष्य-आधारित ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (GPDP) तैयार करेंगी। यूपीएससी के लिए यह विषय 73वें संविधान संशोधन, जमीनी स्तर पर नियोजन और संपूर्ण सरकार (Whole-of-Government) दृष्टिकोण को समझने हेतु आवश्यक है。
अभियान का शीर्षक: 'सबकी योजना, सबका विकास' (People's Plan Campaign 2026-27)
वित्त वर्ष 2027-28 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) का निर्माण
ई-ग्रामस्वराज (eGramSwaraj), ऑडिटऑनलाइन और स्वामित्व योजना के साथ एकीकरण
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए ग्राम सभा की शक्तियों और मुख्य परीक्षा (GS-2) में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण, पंचायती राज संस्थाओं के वित्तीय सुदृढ़ीकरण हेतु अत्यंत प्रासंगिक。
Source: PIB
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कानूनी सुधार हेतु प्रारूप पेट्रोलियम संशोधन विधेयक, 2026 जारी किया
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पेट्रोलियम क्षेत्र में गैर-अपराधीकरण और नियामक सुधारों हेतु प्रारूप पेट्रोलियम (संशोधन) विधेयक, 2026 जारी किया है। यह विधेयक पेट्रोलियम के आयात, शोधन, भंडारण और परिवहन को नियंत्रित करने वाले औपनिवेशिक कालीन पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 में मूलभूत संशोधन प्रस्तावित करता है। इसके माध्यम से छोटे तकनीकी एवं लाइसेंस उल्लंघनों को दीवानी जुर्माने में बदलकर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुगम बनाया जा रहा है।
पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 में संशोधन का प्रस्ताव
लाइसेंस उल्लंघन का गैर-अपराधीकरण (Decriminalisation)
गंभीर सुरक्षा उल्लंघनों हेतु ₹25 करोड़ तक के दंड का प्रावधान
UPSC के लिए: प्रीलिम्स में पेट्रोलियम अधिनियम के प्रमुख प्रावधान पूछे जा सकते हैं; मुख्य परीक्षा GS-2 में विधायी सुधार और GS-3 में ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विनियमन से संबद्ध है।
Source: PRS / Parliament
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संघ लोक सेवा आयोग के शताब्दी समारोह में शामिल हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित शताब्दी समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर आयोग की ऐतिहासिक यात्रा को रेखांकित करते हुए एक विशेष स्मारक सिक्का, डाक टिकट और 100 ऐतिहासिक निर्णयों (case laws) का संकलन जारी किया गया। भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में मेरिट आधारित भर्ती, संस्थागत स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों के संदर्भ में यह महत्वपूर्ण मील का पत्थर है。
लोक सेवा आयोग की स्थापना 1 अक्टूबर 1926 को ली आयोग की सिफारिशों के तहत हुई थी
संविधान के भाग XIV में अनुच्छेद 315 से 323 तक आयोग के गठन और कार्यों का उल्लेख है
शताब्दी वर्ष पर 100 महत्वपूर्ण निर्णयों (Case Laws) का संकलन और स्मारक सिक्का जारी किया गया
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में ली कमीशन एवं अनुच्छेद 315-323 तथा मुख्य परीक्षा (GS-2) में संवैधानिक निकायों की भूमिका और सिविल सेवा सुधारों के लिए प्रासंगिक。
Source: PIB
मतदाता पंजीकरण के फॉर्म 6 में परिवर्तन पर निर्वाचन आयोग पर उठे सवाल
विपक्षी दलों ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए उपयोग किए जाने वाले वैधानिक फॉर्म 6 में तकनीकी बदलावों को अनधिकृत बताते हुए निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। चुनाव आयुक्तों की आंतरिक टिप्पणियों के बाद आयोग द्वारा अंतिम रूप से तैयार राज्यों से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी घोषणा हटाई गई है। यूपीएससी के लिए यह चुनाव आयोग की प्रशासनिक स्वायत्तता, पारदर्शी चुनावी प्रणाली और चुनावी सुधारों के लिए विचारणीय है।
फॉर्म 6 नए मतदाताओं के पंजीकरण हेतु वैधानिक दस्तावेज है
संविधान का अनुच्छेद 324 (चुनाव आयोग का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण)
निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में भारतीय निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 324) तथा मुख्य परीक्षा GS-2 में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की संवैधानिक गारंटी हेतु आवश्यक।
Source: The Hindu
सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और बंगाल से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल राज्य को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में स्वतंत्र आवागमन और कार्यों के निर्वहन से रोका जा रहा है। यूपीएससी के लिए यह निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के अधिकारों, संवैधानिक संरक्षण और विधि के शासन के विश्लेषण हेतु प्रासंगिक है।
न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ द्वारा सुनवाई
संविधान का अनुच्छेद 105 (संसदीय विशेषाधिकार)
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत निर्वाचित प्रतिनिधि के वैधानिक अधिकार
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए संसदीय विशेषाधिकार (अनुच्छेद 105) तथा मुख्य परीक्षा GS-2 में कार्यपालिका-विधायिका संबंध और संघवाद के अध्ययन हेतु उपयोगी।
Source: The Hindu
केंद्र सरकार ने अधिसूचित किए संबद्ध और स्वास्थ्य सेवा पेशेवर विनियम, 2026
केंद्र सरकार ने देश भर में स्वास्थ्य सेवा मानकों को एकीकृत करने हेतु संबद्ध और स्वास्थ्य सेवा पेशेवर विनियम, 2026 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है। इसके अंतर्गत राज्य रजिस्टरों में पंजीकरण के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री, एग्जिट परीक्षा उत्तीर्ण करना और अनिवार्य राज्य अधिवास की शर्तें लागू की गई हैं। पैरामेडिकल और संबद्ध चिकित्सा क्षेत्र में गुणवत्ता नियंत्रण तथा स्वास्थ्य कार्यबल के वैधानिक विनियमन हेतु यह महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
संबद्ध और स्वास्थ्य सेवा पेशेवर विनियम, 2026
पंजीकरण प्रमाणपत्र की वैधता अवधि 5 वर्ष
प्रत्येक पंजीकृत पेशेवर को विशिष्ट पहचान संख्या (UID)
UPSC के लिए: प्रीलिम्स में राष्ट्रीय संबद्ध और स्वास्थ्य देख-रेख वृत्ति आयोग अधिनियम उपयोगी है; मुख्य परीक्षा GS-2 में स्वास्थ्य नीति एवं सामाजिक क्षेत्र की सेवाओं के प्रबंधन से जुड़ा है।
Source: PRS / Parliament
संविधान सदन में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष जी.एम.सी. बालयोगी को दी गई पुष्पांजलि
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 1 अक्टूबर 2026 को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में पूर्व अध्यक्ष जी.एम.सी. बालयोगी की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। जी.एम.सी. बालयोगी 12वीं तथा 13वीं लोकसभा के अध्यक्ष रहे और वे भारत की संसद के निचले सदन की अध्यक्षता करने वाले पहले दलित नेता थे। संसदीय इतिहास, लोकसभा अध्यक्ष की संवैधानिक भूमिका तथा संसदीय परंपराओं के सम्मान के संदर्भ में यह ऐतिहासिक रूप से उल्लेखनीय है।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष जी.एम.सी. बालयोगी जयंती (1 अक्टूबर)
12वीं एवं 13वीं लोकसभा के अध्यक्ष (1998-2002)
संविधान सदन (पुराना संसद भवन) के सेंट्रल हॉल में आयोजन
UPSC के लिए: प्रीलिम्स के लिए लोकसभा अध्यक्ष के संवैधानिक दायित्व (अनुच्छेद 93-96) प्रासंगिक हैं; मुख्य परीक्षा GS-2 में लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली से संबंधित है।
Source: PRS / Parliament
International Relations
नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणापत्र स्वीकार किया गया
भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 11 सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को अंगीकृत किया। इस घोषणापत्र में बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों में सुधार, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, आतंकवाद निरोध और वैश्विक सुरक्षा सहयोग पर स्पष्ट साझा रुख प्रकट किया गया। उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साझा मंच पर भारत के राजनयिक प्रभाव और बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था के अध्ययन के लिए यह सम्मेलन अहम है।
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित
11 पूर्णकालिक सदस्य देशों की संयुक्त सहभागिता
'नई दिल्ली घोषणापत्र' (New Delhi Declaration) अंगीकृत
UPSC के लिए: प्रीलिम्स हेतु ब्रिक्स सदस्यों का विस्तार और नई दिल्ली घोषणापत्र उपयोगी हैं; मुख्य परीक्षा GS-2 में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच और भारत के हित विषय से संबद्ध है।
Source: PRS / Parliament
श्रीलंका के सत्तारूढ़ जेवीपी प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा और द्विपक्षीय वार्ता
श्रीलंका के सत्तारूढ़ दल जनता विमुक्ति पेरामुना (JVP) के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय चर्चा पूरी की। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के मध्य दीर्घकालिक मित्रता, आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता को प्रगाढ़ करने पर सहमति बनी। यूपीएससी के लिए यह भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति तथा हिंद महासागर में भू-रणनीतिक समीकरणों के अध्ययन हेतु महत्वपूर्ण है।
जनता विमुक्ति पेरामुना (JVP) प्रतिनिधिमंडल की 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक आधिकारिक भारत यात्रा
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता
भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति और 'सागर' (SAGAR) दृष्टिकोण
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में भारत-श्रीलंका अवस्थिति तथा मुख्य परीक्षा GS-2 में भारत और उसके पड़ोसी संबंध एवं रणनीतिक साझेदारी के लिए प्रासंगिक।
Source: The Hindu
चीन के राष्ट्रीय दिवस पर नई दिल्ली में तिब्बती कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन
चीन के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे तिब्बती युवा कांग्रेस के 40 से अधिक कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों ने तिब्बत और अन्य क्षेत्रों पर चीनी संप्रभुता के विस्तार और मानवाधिकार उल्लंघन का कड़ा विरोध किया। यूपीएससी के लिए यह भारत की तिब्बत नीति, राजनयिक मिशनों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी स्थिति को समझने के लिए उपयोगी है।
पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का स्थापना दिवस (1 अक्टूबर 1949)
तिब्बती युवा कांग्रेस (TYC) द्वारा नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन
राजनयिक संबंधों पर वियना कन्वेंशन, 1961 के तहत दूतावासों की सुरक्षा का उत्तरदायित्व
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में वियना कन्वेंशन 1961 तथा मुख्य परीक्षा GS-2 में भारत-चीन कूटनीतिक संबंध और सीमावर्ती सुरक्षा अध्ययन हेतु प्रासंगिक।
Source: The Hindu
वाल्दाई फोरम में पुतिन का वक्तव्य: रूस-नाटो तनाव और सामरिक रुख
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वाल्दाई क्लब फोरम में संबोधन के दौरान कहा कि रूस यूरोपीय देशों पर हमले की योजना नहीं बना रहा है किंतु किसी भी आक्रामकता का उत्तर पूर्ण शस्त्रागार से देगा। उन्होंने बाल्टिक सागर में नाटो के युद्धाभ्यासों और कैलिनिनग्राद क्षेत्र को अलग-थलग करने के प्रयासों के प्रति चेतावनी दी। यूपीएससी के लिए यह यूरेशियाई सुरक्षा संरचना, परमाणु प्रतिरोध सिद्धांत और वैश्विक शक्ति संतुलन के विश्लेषण हेतु प्रासंगिक है।
वाल्दाई डिस्कशन क्लब के वार्षिक सत्र में पुतिन का संबोधन
कैलिनिनग्राद (रूस का बाल्टिक सागर तट पर स्थित रणनीतिक एन्क्लेव)
नाटो की पूर्वी विस्तार नीति और सामूहिक सुरक्षा ढांचा
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए कैलिनिनग्राद व बाल्टिक सागर का भूगोल तथा मुख्य परीक्षा GS-2 में वैश्विक सुरक्षा और प्रमुख देशों की भू-राजनीति हेतु उपयोगी।
Source: The Hindu
Security & Defence
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने ₹1.1 लाख करोड़ के पूंजीगत खरीद प्रस्तावों को दी मंजूरी
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने तीनों सशस्त्र बलों के लिए लगभग ₹1.1 लाख करोड़ के विविध पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को आवश्यकता की स्वीकृति (AoN) प्रदान की है। इसमें भारतीय सेना हेतु सीबीआरएन निगरानी वाहन, नौसेना के लिए अरुद्र रडार एवं मरीन गैस टर्बाइन तथा वायु सेना के लिए उन्नत जैमर की खरीद शामिल है। रक्षा क्षेत्र में रणनीतिक स्वायत्तता, आधुनिकीकरण और घरेलू विनिर्माण (आत्मनिर्भर भारत) को बढ़ावा देने के लिए यह स्वीकृति महत्वपूर्ण है।
कुल पूंजीगत खरीद स्वीकृति लगभग ₹1.1 लाख करोड़
सेना हेतु CBRN रेकी वाहन प्रणाली
नौसेना हेतु अरुद्र रडार और मरीन गैस टर्बाइन
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में DAC बैठक
UPSC के लिए: प्रीलिम्स के लिए डीएसी की अध्यक्षता व सैन्य उपकरण उपयोगी हैं; मुख्य परीक्षा GS-3 के आंतरिक व बाह्य सुरक्षा तथा रक्षा स्वदेशीकरण टॉपिक से जुड़ा है।
Source: PRS / Parliament
रक्षा मंत्री ने रक्षा लेखा विभाग दिवस पर शुरू कीं सक्षम-IAFIS और प्रिज्म प्रणालियां
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में रक्षा लेखा विभाग (DAD) के 279वें स्थापना दिवस समारोह में कई प्रमुख वित्तीय आईटी सुधारों का उद्घाटन किया। इस दौरान रक्षा बिल ऑडिटिंग प्रणाली 'सक्षम' को भारतीय सेना वित्तीय सूचना प्रणाली (IAFIS) से एकीकृत किया गया तथा आरबीआई के ई-कुबेर से संबद्ध PRISM प्लेटफॉर्म चालू किया गया। यह डिजिटल आधुनिकीकरण रक्षा क्षेत्र में 'जस्ट-इन-टाइम' बजट आवंटन, पूर्णतः पेपरलेस बिलिंग और वित्तीय पारदर्शिता को सुदृढ़ करता है ।
SAKSHAM का IAFIS (Indian Army Financial Information System) के साथ पूर्ण एकीकरण
RBI के eKUBER से संबद्ध PRISM प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रेजरी सिंगल अकाउंट (TSA) प्रणाली
आयोजन स्थल: DRDO भवन, नई दिल्ली (DAD का 279वां वार्षिक दिवस)
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा: SAKSHAM, IAFIS और PRISM वित्तीय प्रबंधन प्लेटफॉर्म। मुख्य परीक्षा (GS-3): रक्षा क्षेत्र में वित्तीय सुधार, ई-गवर्नेंस और रक्षा लॉजिस्टिक्स में पारदर्शिता।
Source: DRDO
रक्षा लेखा विभाग के 279वें स्थापना दिवस पर प्रिज्म और राष्ट्रीय संकलन प्रणाली लॉन्च
रक्षा मंत्री ने रक्षा लेखा विभाग (DAD) के 279वें वार्षिक दिवस पर रक्षा वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया। इसमें भारतीय सेना वित्तीय सूचना प्रणाली (IAFIS) का 'सक्षम' के साथ एकीकरण, संशोधित राष्ट्रीय संकलन प्रणाली (NCS) और प्रिज्म (PRISM) प्लेटफॉर्म शामिल हैं। रक्षा क्षेत्र में एकल कोषागार खाता (TSA), पेपरलेस बिलिंग और त्वरित लेखा परीक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में यह बड़ा सुधार है。
रक्षा लेखा विभाग की ऐतिहासिक शुरुआत 1747 में 'मिलिट्री पे मास्टर' के रूप में हुई थी
प्रिज्म (PRISM) प्लेटफॉर्म को आरबीआई के ई-कुबेर (e-KUBER) के साथ एकीकृत किया गया
रक्षा व्यय पर सांख्यिकीय हैंडबुक 'COSHE 2026' और 'रक्षा लेखा भारती' पत्रिका का विमोचन
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में रक्षा लेखा सुधारों और मुख्य परीक्षा (GS-3) में रक्षा व्यय प्रबंधन, पारदर्शिता एवं सरकारी वित्तीय डिजिटलीकरण के लिए महत्वपूर्ण。
Source: PIB
Economy & Finance
सांख्यिकी मंत्रालय ने उद्योग वार्षिक सर्वेक्षण 2024-25 के परिणाम जारी किए
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI) 2024-25 के आंकड़े जारी किए। रिपोर्ट के अनुसार भारत के पंजीकृत विनिर्माण क्षेत्र में कुल कार्यबल 7.19% बढ़कर 2.10 करोड़ तक पहुंच गया है। यह डेटा राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी, विनिर्माण क्षेत्र में संरचनात्मक सुधार और औपचारिक रोजगार सृजन के विश्लेषण के लिए अनिवार्य है。
पंजीकृत औद्योगिक कार्यबल पहली बार 2 करोड़ पार कर 2.10 करोड़ दर्ज
विनिर्माण सकल मूल्य वर्धन (GVA) 9.59% बढ़कर ₹26.94 लाख करोड़ हुआ
शीर्ष 5 राज्य (तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, यूपी, हरियाणा) देश के 56% विनिर्माण रोजगार का प्रतिनिधित्व करते हैं
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में सांख्यिकीय सूचकांकों तथा मुख्य परीक्षा (GS-3) में औद्योगिक संवृद्धि, रोजगार परिदृश्य और विनिर्माण सकल मूल्य वर्धन (GVA) विश्लेषण के लिए उपयोगी。
Source: PIB
सीसीईए ने विपणन सत्र 2027-28 के लिए रबी फसलों के एमएसपी को मंजूरी दी
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने सभी अनिवार्य रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने की मंजूरी दी है। उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना मूल्य सुनिश्चित करने के नीतिगत फार्मूले के तहत कुसुम में सर्वाधिक ₹675 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई। यूपीएससी के लिए यह निर्णय कृषि अर्थशास्त्र, फसल विविधीकरण और किसानों की आय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है。
कुसुम (Safflower) में सर्वाधिक ₹675 प्रति क्विंटल और सरसों में ₹413 की वृद्धि
गेहूं के एमएसपी में ₹25 की बढ़ोतरी के साथ नया मूल्य ₹2610 प्रति क्विंटल तय
गेहूं पर उत्पादन लागत पर मार्जिन 106% और सरसों पर 96% अनुमानित
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में सीएसीपी की सिफारिशों और एमएसपी गणना पद्धति तथा मुख्य परीक्षा (GS-3) में कृषि मूल्य नीति और बफर स्टॉक प्रबंधन हेतु प्रासंगिक。
Source: PIB
अगस्त माह में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में तेज वृद्धि दर्ज
अगस्त महीने में भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई, जिससे चालू वित्त वर्ष में औद्योगिक सुधार की गति और मजबूत हुई है। आगामी त्योहारी सीजन से पूर्व विनिर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के सकारात्मक आंकड़ों ने आर्थिक गतिविधियों को मजबूती प्रदान की है। यूपीएससी के लिए यह व्यापक आर्थिक संकेतकों, औद्योगिक क्षेत्र के रुझान तथा उपभोग चक्र का आकलन करने हेतु आवश्यक है।
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी
IIP का वर्तमान आधार वर्ष 2011-12
विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र का IIP में सबसे बड़ा भारांक (77.63%)
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में IIP की गणना और भारांक तथा मुख्य परीक्षा GS-3 में भारतीय अर्थव्यवस्था व औद्योगिक संवृद्धि हेतु अत्यंत उपयोगी।
Source: The Hindu
ईपीएफओ अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा अंशदान हेतु वेतन सीमा बढ़ाकर ₹25,000 की गई
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) योजनाओं के अंतर्गत अनिवार्य कवरेज की मासिक वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी है। यह नियम संगठित क्षेत्र के नए कर्मचारियों को स्वतः ही भविष्य निधि, पेंशन एवं जीवन बीमा सुरक्षा के दायरे में लाने हेतु निर्धारित है। असंगठित एवं निम्न-वेतनभोगी कार्यबल को व्यापक सामाजिक सुरक्षा जाल में शामिल करने के दृष्टिकोण से यह कदम आवश्यक है।
वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO)
लागू होने की प्रभावी तिथि 17 सितंबर 2026
UPSC के लिए: प्रीलिम्स के लिए ईपीएफओ की पात्रता सीमा और वैधानिक निकाय का ढांचा प्रासंगिक है; मुख्य परीक्षा GS-2 व GS-3 में सामाजिक न्याय एवं श्रम सुधारों से संबंधित है।
Source: PRS / Parliament
एनपीसीआई ने ₹2,000 से अधिक के व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर स्पष्ट किया
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने ₹2,000 से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई लेनदेनों पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने संबंधी दिशानिर्देश स्पष्ट किए हैं। रेलवे, ईंधन और उपयोगिता बिल भुगतानों जैसे सीमित मार्जिन वाले क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के भुगतानों पर अधिकतम ₹5 का फ्लैट शुल्क लगेगा तथा अधिकतम सीमा ₹300 निर्धारित की गई है। डिजिटल भुगतान ढांचे की वित्तीय व्यवहार्यता और फिनटेक विनियमन के विश्लेषण हेतु यह निर्णय विचारणीय है।
₹2,000 से अधिक के P2M यूपीआई पर 0.4% MDR
अधिकतम MDR शुल्क ₹300 पर सीमित
प्रभावी तिथि 15 अक्टूबर 2026
लगभग 95% दैनिक लेनदेन सीमा से नीचे
UPSC के लिए: प्रीलिम्स में एनपीसीआई की संरचना तथा एमडीआर की अवधारणा पूछी जा सकती है; मुख्य परीक्षा GS-3 में डिजिटल अर्थव्यवस्था और वित्तीय समावेशन हेतु उपयोगी है।
Source: PRS / Parliament
आईबीबीआई ने व्यक्तिगत गारंटरों के दिवाला समाधान पर सार्वजनिक परामर्श पत्र जारी किया
भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) ने कॉर्पोरेट देनदारों के व्यक्तिगत गारंटरों के दिवाला समाधान तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु एक चर्चा पत्र जारी किया है। इसके अंतर्गत व्यक्तिगत गारंटर विनियम, 2019 में संशोधन कर लेनदारों के सुरक्षा उपायों को कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) के समतुल्य बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों की त्वरित वसूली और दिवाला कानूनों में सामंजस्य स्थापित करने के लिए यह सुधार प्रासंगिक है।
आईबीबीआई (कॉर्पोरेट देनदारों के व्यक्तिगत गारंटरों हेतु दिवाला समाधान) विनियम, 2019
परामर्श प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026
ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता (IBC), 2016
UPSC के लिए: प्रीलिम्स के लिए आईबीबीआई के विनियामक कार्य महत्वपूर्ण हैं; मुख्य परीक्षा GS-3 में बैंकिंग क्षेत्र की गैर-निष्पादित संपत्तियों (NPAs) के समाधान से संबद्ध है।
Source: PRS / Parliament
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