UPSC ThinkFree AI test

Home › Current Affairs › 14 October 2026

दैनिक करेंट अफेयर्स — 14 अक्टूबर 2026

UPSC प्रीलिम्स और मेन्स के लिए आज की 18 ज़रूरी खबरें — मुख्य तथ्य और UPSC एंगल के साथ।

Geography & Environment

महाराष्ट्र में गंभीर सूखे के चलते साप्ताहिक जल कटौती और नए बोरवेल पर प्रतिबंध

महाराष्ट्र सरकार द्वारा 358 में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित करने के बाद राज्य में जल आपूर्ति और भूजल पर कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। पुणे नगर निगम ने 15 अक्टूबर से प्रत्येक गुरुवार को जलापूर्ति निलंबित करने और नागपुर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नए बोरवेल खनन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। यह कदम राज्य में सूखे की गंभीरता, भूजल स्तर के तीव्र दोहन और भविष्य के जल संकट प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु सूखा वर्गीकरण और भूजल प्रबंधन नियम; मुख्य परीक्षा GS-1 (जल संसाधन वितरण) तथा GS-3 (आपदा प्रबंधन और कृषि संकट)।

Source: Down To Earth

जल संसाधन स्थायी समिति ने GLOF और बाढ़ प्रबंधन की समीक्षा की

संसद भवन में आयोजित जल संसाधन संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में राष्ट्रीय जल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर व्यापक चर्चा हुई। समिति ने विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्र में हिमनदी झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) के बढ़ते जोखिमों और मौसमी जल संकट की समीक्षा की। यह विमर्श राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना (NHP) और जलवायु-अनुकूल जल अवसंरचना विकास के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में हिमनदी झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) और राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना पर प्रश्न आ सकते हैं। मुख्य परीक्षा GS पेपर-3 में आपदा प्रबंधन और जल सुरक्षा खंड में शामिल है।

Source: PRS / Parliament

सितंबर 2026 इतिहास का दूसरा सबसे गर्म सितंबर दर्ज: कॉपरनिकस रिपोर्ट

कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) के आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2026 का वैश्विक औसत सतही तापमान 16.27°C दर्ज किया गया, जो इसे अब तक का दूसरा सबसे गर्म सितंबर बनाता है। यह तापमान पूर्व-औद्योगिक संदर्भ अवधि (1850-1900) के औसत से 1.63°C अधिक रहा, जिससे लगातार दूसरे महीने तापमान 1.5°C की सीमा से ऊपर बना रहा। यह डेटा प्रशांत महासागर में तीव्र होते अल नीनो प्रभाव और पेरिस समझौते के दीर्घकालिक लक्ष्यों के समक्ष गंभीर चुनौतियों को उजागर करता है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) और तापमान विसंगति आंकड़े; मुख्य परीक्षा GS-3 (जलवायु परिवर्तन, वैश्विक ऊष्मीकरण और चरम मौसमी घटनाएं)।

Source: Down To Earth

दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून का आगमन, उत्तर भारत में ओलावृष्टि का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के साथ ही दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून का आगमन हो रहा है। इसके साथ ही पश्चिमोत्तर उत्तर प्रदेश पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण के कारण दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 50 किमी/घंटा की हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। यह दोहरा मौसमी बदलाव खरीफ फसलों की कटाई और रबी की बुवाई में लगे किसानों के लिए आर्थिक नुकसान का खतरा पैदा कर रहा है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु उत्तर-पूर्वी मानसून व पश्चिमी विक्षोभ की क्रियाविधि; मुख्य परीक्षा GS-1 (भारतीय जलवायु प्रणाली व मानसूनी गतिकी) और GS-3 (कृषि पर मौसमी प्रभाव)।

Source: Down To Earth

नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी बेसिन में भीषण फ्लैश फ्लड, 95 लोग बचाए गए

नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में मूसलाधार वर्षा के बाद बूढ़ी गंडकी नदी बेसिन में अचानक विनाशकारी बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई, जिससे निचले इलाकों में भारी तबाही हुई। नेपाली सेना ने तुरंत राहत और बचाव अभियान चलाकर बाढ़ में फंसे 95 नागरिकों को सुरक्षित निकाला। यह आपदा हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र में अनियोजित निर्माण, ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के बढ़ते जोखिमों और दक्षिण एशिया में सीमा-पार आपदा समन्वय की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में बूढ़ी गंडकी नदी (गंडक जलप्रणाली) की भौगोलिक स्थिति; मुख्य परीक्षा GS-1 (भौतिक भूगोल - फ्लैश फ्लड) तथा GS-3 (आपदा जोखिम न्यूनीकरण)।

Source: Down To Earth

Economy & Finance

यूरोपीय संघ के CBAM क्रियान्वयन से भारतीय MSME इस्पात निर्यातकों पर संकट

यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) अपने निश्चित कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर गया है, जिससे भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) पर अनुपालन लागत का भारी दबाव बढ़ गया है। भारतीय इस्पात उद्योग में कोयला आधारित प्राथमिक प्रक्रियाओं की अधिकता के कारण कार्बन तीव्रता 2.55 टन CO2 प्रति टन इस्पात है, जो वैश्विक औसत 1.85 टन से काफी अधिक है। ICRIER के अनुसार कार्बन शुल्क लगने से यूरोपीय संघ को होने वाले भारतीय लौह एवं इस्पात निर्यात में 23.9% तक की गिरावट आ सकती है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) के प्रावधान; मुख्य परीक्षा GS-3 (भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, व्यापार संरक्षणवाद बनाम हरित संक्रमण)।

Source: Down To Earth

वित्त संसदीय समिति ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक 2026 पर मांगे सुझाव

डॉ. भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी स्थायी समिति ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक 2026 पर विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए। लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह विधेयक 1959 के पुराने अधिनियम का स्थान लेकर संस्थान को कॉर्पोरेट निकाय का स्वरूप देगा। डेटा गवर्नेंस, राष्ट्रीय सांख्यिकी प्रणाली और अकादमिक स्वायत्तता को मजबूत करने के लिए यह विधायी कदम उठाया गया है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए राष्ट्रीय महत्व के संस्थान और सांख्यिकी विधायी ढांचा उपयोगी है। मुख्य परीक्षा GS पेपर-3 में आर्थिक योजना और आधिकारिक डेटा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा है।

Source: PRS / Parliament

ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति ने विद्युत व हरित ऊर्जा क्षेत्र की समीक्षा की

लोकसभा सांसद श्रीरंग आप्पा बारणे की अध्यक्षता में ऊर्जा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश में विद्युत पारेषण अवसंरचना, ग्रिड आधुनिकीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण की प्रगति का जायजा लिया गया। भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति और डिस्कॉम के वित्तीय सुधारों की निगरानी के लिए यह समिति आवश्यक भूमिका निभाती है।

UPSC के लिए: ऊर्जा सुरक्षा और संसदीय स्थायी समितियों के कार्य प्रीलिम्स के लिए प्रासंगिक हैं। मुख्य परीक्षा GS पेपर-3 में बुनियादी ढांचा और नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण से संबंधित है।

Source: PRS / Parliament

Polity & Governance

10वीं अनुसूची के तहत अयोग्यता नोटिस पर लोकसभा सचिवालय से समय विस्तार

दल-बदल विरोधी कानून के तहत जारी अयोग्यता नोटिस के उत्तर हेतु सांसदों ने लोकसभा सचिवालय से अतिरिक्त समय की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा जारी नोटिस पर जवाब तैयार करने और कानूनी साक्ष्य संकलित करने के लिए यह आवेदन दिया गया। यह मामला संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत सदन के पीठासीन अधिकारी के अर्द्ध-न्यायिक अधिकारों की सीमा को रेखांकित करता है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए संविधान की 10वीं अनुसूची और 52वां संशोधन सीधा विषय है। मुख्य परीक्षा GS पेपर-2 में दल-बदल विरोधी कानून की प्रभावशीलता और अध्यक्ष की शक्तियों पर पूछा जाता है।

Source: PRS / Parliament

NGT ने निजी भूमि स्थित झरनों के नियमन और अनौपचारिक बस्तियों के सीवेज पर निर्देश दिए

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को यह परीक्षण करने का निर्देश दिया है कि निजी भूमि पर स्थित प्राकृतिक झरनों (springs) से उद्योगों द्वारा किए जाने वाले जल दोहन को भूजल नियमन के अंतर्गत लाया जाना चाहिए या नहीं। इसके साथ ही अधिकरण ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) और स्थानीय निकायों को झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टरों से अनुपचारित सीवेज के सीधे नालों और नदियों में जाने पर कड़ी फटकार लगाई। यह मामला देश में भूजल दोहन की कानूनी सीमाओं और शहरी स्वच्छता अवसंरचना के लिए महत्वपूर्ण नजीर पेश करता है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु NGT के अधिकार क्षेत्र और केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) के नियम; मुख्य परीक्षा GS-2 (न्यायिक व अर्ध-न्यायिक निकाय) तथा GS-3 (जल प्रदूषण नियंत्रण)।

Source: Down To Earth

विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक 2026 पर JPC की महत्वपूर्ण बैठक

विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक 2026 की समीक्षा कर रही संयुक्त संसदीय समिति ने नागरिक समाज और कानूनी विशेषज्ञों के विचार सुने। भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल की अध्यक्षता वाली समिति ने पंजीकरण रद्द होने पर विदेशी संपत्तियों के प्रबंधन और पारदर्शिता के नियमों पर चर्चा की। यह विमर्श गैर-सरकारी संगठनों के पारदर्शी विदेशी वित्तपोषण और राज्य संप्रभुता के संतुलन के लिए परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए FCRA संशोधन के प्रावधान तथा संसदीय समितियों (JPC) के नियम महत्वपूर्ण हैं। मुख्य परीक्षा GS पेपर-2 में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के विनियमन और आंतरिक सुरक्षा से संबंधित है।

Source: PRS / Parliament

Security & Defence

DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर स्वदेशी HAPS एयरशिप का सफल परीक्षण किया

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी रूप से विकसित हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म (HAPS) का सफल परीक्षण किया, जिसने 21 किमी की ऊंचाई हासिल कर 20 किमी पर 30 मिनट तक स्थिर उड़ान भरी। यह प्लेटफ़ॉर्म ADRDE आगरा द्वारा विकसित एक लाइटर-दैन-एयर स्ट्रैटोस्फेरिक प्रणाली है, जिसे निरंतर हवाई निगरानी और संचार सहायता के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह मील का पत्थर उपग्रहों और पारंपरिक मानवयुक्त विमानों के बीच की खाई को पाटने वाला किफायती सामरिक समाधान प्रस्तुत करता है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए HAPS प्रौद्योगिकी और समताप मंडलीय निगरानी; मुख्य परीक्षा GS-3 में सीमा प्रबंधन और स्वदेशी रक्षा तकनीक का विकास।

Source: The Hindu

Science & Technology

ESTIC-2026 में सेमीकंडक्टर और नेक्स्ट-जेन चिप्स सत्र का नेतृत्व करेगा DRDO

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC-2026) में सेमीकंडक्टर और नेक्स्ट-जेन चिप्स विषयगत सत्र की अगुवाई करेगा। यह कॉन्क्लेव भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) के मार्गदर्शन में 12 वैज्ञानिक मंत्रालयों और विभागों को एक मंच पर लाता है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को 2047 तक सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनाना और रणनीतिक रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स प्रणालियों में स्वदेशी चिप विकास को बढ़ावा देना है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए सेमीकंडक्टर मिशन और ESTIC-2026; मुख्य परीक्षा GS-3 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में स्वदेशीकरण तथा महत्वपूर्ण रणनीतिक अवसंरचना।

Source: The Economic Times

ISRO और DRDO द्वारा रॉकेट व रक्षा विनिर्माण निजी उद्योग को हस्तांतरित

भारत सरकार के नीतिगत सुधारों के तहत ISRO ने नियमित रॉकेट निर्माण से हटकर इसे निजी क्षेत्र को सौंपने और अत्याधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधानों पर ध्यान केंद्रित करने की प्रक्रिया तेज की है। इसके समानांतर DRDO भी चयनित निर्देशित मिसाइल प्रणालियों और रक्षा उपकरणों के उत्पादन में निजी कंपनियों को भागीदार बना रहा है। इन-स्पेस (IN-SPACe) के समन्वय से संचालित यह बदलाव भारत को वैश्विक एयरोस्पेस विनिर्माण केंद्र बनाने के दीर्घकालिक लक्ष्य का हिस्सा है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु IN-SPACe और अंतरिक्ष क्षेत्र के विनियामक सुधार; मुख्य परीक्षा GS-3 में एयरोस्पेस व रक्षा विनिर्माण में निजी भागीदारी।

Source: Science & Tech

ANRF ने देश के वैज्ञानिक नवाचार हेतु छह राष्ट्रीय मिशनों को दी प्राथमिकता

अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) ने वास्तविक राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए छह प्राथमिकता वाले मिशन-मोड कार्यक्रमों के संचालन की समीक्षा की है। इनमें इलेक्ट्रिक वाहन (EV), मेडिकल उपकरण तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए AI, महत्वपूर्ण खनिज, ड्रोन और जल तकनीक शामिल हैं। यह पहल उच्च शिक्षण संस्थानों और निजी उद्योग के बीच तालमेल बनाकर 'लैब-टू-मार्केट' अनुसंधान और पेटेंट की संख्या में व्यापक वृद्धि के उद्देश्य से लाई गई है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में ANRF अधिनियम 2023 और प्रमुख अनुसंधान योजनाएं; मुख्य परीक्षा GS-3 में भारत में R&D पारिस्थितिकी तंत्र एवं नवाचार की चुनौतियां।

Source: Science & Tech

INST मोहाली ने अपशिष्ट जल शोधन हेतु एमएल-सक्षम बायोडिग्रेडेबल फिल्टर विकसित किया

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान INST मोहाली के शोधकर्ताओं ने औद्योगिक डाई अपशिष्ट जल के उपचार के लिए एक अभिनव फिल्टर विकसित किया है। यह तकनीक हल्दी के अर्क से तैयार पर्यावरण-अनुकूल जिंक ऑक्साइड (ZnO) नैनोकणों और बायोडिग्रेडेबल PLA नैनोफाइबर्स को मशीन लर्निंग मॉडल के साथ जोड़ती है। यह प्रणाली पीजोइलेक्ट्रिक पोलराइजेशन और फोटोकैटैलिसिस के माध्यम से कपड़ा उद्योगों से निकलने वाले अत्यधिक स्थिर और जहरीले रंगों को सुरक्षित रूप से विघटित करती है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में नैनोटेक्नोलॉजी, पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) और फोटोकैटैलिसिस; मुख्य परीक्षा GS-3 में औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी।

Source: PIB

जलवायु परिवर्तन से त्वचा संबंधी बीमारियों में वृद्धि, निम्न-आय देश सबसे अधिक प्रभावित

वियना में आयोजित यूरोपियन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एंड वेनेरोलॉजी (EADV) कांग्रेस 2026 में प्रस्तुत 136 देशों के वैश्विक अध्ययन में पाया गया कि 40% से अधिक देशों में जलवायु परिवर्तन के कारण त्वचा रोगों की व्यापकता बढ़ी है। बढ़ते तापमान और चरम आर्द्रता के कारण 81% प्रभावित देशों में हीट रैशेज और 75.9% देशों में इंफ्लेमेटरी त्वचा रोगों के मामलों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। शोधकर्ताओं ने बल दिया है कि जलवायु-स्वास्थ्य अनुकूलन योजनाओं में संक्रामक एवं त्वचा संबंधी विकारों को भी प्राथमिक स्वास्थ्य रणनीति में शामिल किया जाना चाहिए।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में वेक्टर-जनित व पर्यावरण-प्रेरित रोग; मुख्य परीक्षा GS-3 (जलवायु परिवर्तन के मानव स्वास्थ्य और आजीविका पर बहुआयामी प्रभाव)।

Source: Down To Earth

International Relations

WHO पैंडेमिक हब ने 2030 तक 24 घंटे में नए प्रकोप पहचानने की रणनीति जारी की

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बर्लिन में वर्ल्ड हेल्थ समिट के दौरान अपने पैंडेमिक और एपिडेमिक इंटेलिजेंस हब के लिए एक नई पांच वर्षीय रणनीतिक योजना शुरू की है। इस रणनीति का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2030 तक सभी सदस्य देशों को किसी भी नए स्वास्थ्य खतरे या रोग प्रकोप की पहचान 24 घंटे के भीतर करने में सक्षम बनाना है। यह हब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस और पैथोजेन जीनोमिक्स का उपयोग कर वैश्विक महामारी निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करेगा।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु WHO हब फॉर पैंडेमिक इंटेलिजेंस व EIOS प्रणाली; मुख्य परीक्षा GS-2 (अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं एवं वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा ढांचा)।

Source: Down To Earth

इन खबरों पर टेस्ट दें

आज की खबरों से 10 सवालों का मुफ़्त क्विज़, हर खबर का Deep Dive और AI से सवाल-जवाब — UPSC Think ऐप में।

फ्री क्विज़ दें