UPSC प्रीलिम्स और मेन्स के लिए आज की 14 ज़रूरी खबरें — मुख्य तथ्य और UPSC एंगल के साथ।
Economy & Finance
आरबीआई ने रेपो दर 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50% की
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने नीतिगत रेपो दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति के बढ़ते जोखिमों और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण अपना रुख 'तटस्थ' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया। यूपीएससी के लिए यह निर्णय केंद्रीय बैंक के मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढांचे और मौद्रिक नीति उपकरणों के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक है।
रेपो दर: 5.50% (25 bps की वृद्धि)
स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF): 5.25%
मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) व बैंक दर: 5.75%
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए MPC की संरचना (धारा 45ZB), SDF और MSF दरें महत्वपूर्ण हैं। मुख्य परीक्षा (GS-3) में मुद्रास्फीति नियंत्रण और मौद्रिक नीति संचरण के प्रभाव पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
Source: Economy
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान बढ़ाकर 7.1% किया
आरबीआई ने घरेलू आर्थिक गतिविधियों की मजबूती को देखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति पक्ष के दबावों के कारण खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) का अनुमान बढ़ाकर 5.2% किया गया है। यह संशोधन दर्शाता है कि मजबूत आंतरिक मांग के कारण अर्थव्यवस्था मौद्रिक सख्ती को सहन करने में सक्षम है।
FY27 वास्तविक जीडीपी अनुमान: 7.1%
FY27 सीपीआई मुद्रास्फीति अनुमान: 5.2%
Q1 FY27 वास्तविक जीडीपी दर: 7.8%
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में जीडीपी वृद्धि अनुमान और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के घटक पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा (GS-3) में भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास चालक और मुद्रास्फीति-संवृद्धि ट्रेडऑफ का विश्लेषण महत्वपूर्ण है।
Source: The Economic Times
आरबीआई ने अधिशेष तरलता सोखने हेतु ₹2 लाख करोड़ की वीआरआरआर नीलामी की
बैंकिंग प्रणाली में अत्यधिक नकदी को प्रबंधित करने के उद्देश्य से रिज़र्व बैंक ने 8 अक्टूबर 2026 को ₹2,00,000 करोड़ की 29-दिवसीय वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR) नीलामी संचालित की। इस नीलामी में बाजार सहभागियों को ई-कुबेर पोर्टल के माध्यम से समय-पूर्व आंशिक रिवर्सल का लचीला विकल्प भी उपलब्ध कराया गया। यह कदम मुद्रा बाजार की भारित औसत कॉल दरों (WACR) को नीतिगत दर के अनुकूल रखने के लिए उठाया गया है।
VRRR अधिसूचित राशि: ₹2,00,000 करोड़
नीलामी अवधि (Tenor): 29 दिन
रिवर्सल तिथि: 6 नवंबर 2026
संचालन मंच: RBI E-Kuber पोर्टल
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में तरलता समायोजन सुविधा (LAF), VRRR नीलामी और ई-कुबेर प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली पूछी जा सकती है। मुख्य परीक्षा (GS-3) में बैंकिंग तरलता प्रबंधन और अल्पकालिक ब्याज दर स्थिरता पर इसका अध्ययन उपयोगी है।
Source: Economy
चालू खाता दबाव अस्थायी, बैंक ईसीएल व्यवस्था के लिए तैयार: आरबीआई
मौद्रिक नीति के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि भारत के चालू खाते पर वर्तमान दबाव केवल अस्थायी है और बाह्य क्षेत्र जल्द मजबूत होगा। आरबीआई ने यह भी पुष्टि की कि वाणिज्यिक बैंक नई अपेक्षित ऋण हानि (Expected Credit Loss - ECL) आधारित प्रोविजनिंग प्रणाली अपनाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय बैंक ने दोहराया कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की परिसंपत्ति गुणवत्ता को लेकर कोई प्रणालीगत जोखिम नहीं है।
अपेक्षित ऋण हानि (ECL) प्रोविजनिंग फ्रेमवर्क
चालू खाता संतुलन (Current Account Deficit)
एनबीएफसी (NBFC) एसेट क्वालिटी समीक्षा
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए चालू खाता घाटा (CAD) के कारक और ECL मानदंड महत्वपूर्ण हैं। मुख्य परीक्षा (GS-3) में बैंकिंग क्षेत्र के सुधार, गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) प्रबंधन और वित्तीय समावेशन के लिए यह प्रासंगिक है।
Source: Economy
पीएनबी और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित प्रमुख बैंकों ने बढ़ाई ऋण दरें
आरबीआई द्वारा रेपो दर में 25 आधार अंकों की वृद्धि के तत्काल बाद प्रमुख वाणिज्यिक बैंकों ने अपनी बाह्य बेंचमार्क आधारित ऋण दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) बढ़ाकर 8.35% कर दी, जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक ने भी अपनी दरें संशोधित कीं। यह कदम बैंकिंग प्रणाली में मौद्रिक संचरण की गति को रेखांकित करता है, जिससे आवास और वाहन ऋण महंगे हो जाएंगे।
PNB RLLR: 8.10% से बढ़कर 8.35%
Indian Bank RBLR: 8.20%
Bank of Baroda RBLR: 8.15%
रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) में तत्काल प्रभाव
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु MCLR, RLLR और EBLR प्रणालियों के बीच अंतर समझना आवश्यक है। मुख्य परीक्षा (GS-3) में बैंकिंग क्षेत्र के मार्जिन और खुदरा कर्जदारों पर ब्याज दरों के प्रभाव का अध्ययन प्रासंगिक है।
Source: The Economic Times
आरबीआई मौद्रिक सख्ती और एफआईआई निकासी से सेंसेक्स 1,000 अंक फिसला
आरबीआई द्वारा नीतिगत दरों में बढ़ोतरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के चलते भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। बीएसई सेंसेक्स 1,045 अंक गिरकर 71,593 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 371 अंक टूटकर 22,231 के स्तर पर आ गया। बढ़ती वैश्विक बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने रियल एस्टेट और ऑटो जैसे ब्याज-संवेदनशील क्षेत्रों को सबसे अधिक प्रभावित किया।
बीएसई सेंसेक्स: 71,593.24 (-1.44%)
एनएसई निफ्टी 50: 22,231.80 (-1.64%)
निवेशक संपत्ति में ₹10 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट
कच्चा तेल (Brent Crude): $102 प्रति बैरल से ऊपर
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु पूंजी प्रवाह, एफआईआई/एफपीआई निकासी और बॉन्ड यील्ड की अवधारणा महत्वपूर्ण है। मुख्य परीक्षा (GS-3) में मौद्रिक सख्ती का शेयर बाजार, निवेश प्रवाह और विनिमय दर पर असर का विश्लेषण आवश्यक है।
Source: The Economic Times
Security & Defence
DRDO ने हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम HAPS का किया सफल परीक्षण
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की आगरा स्थित प्रयोगशाला ADRDE ने स्वदेशी हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम (HAPS) का सफल उड़ान परीक्षण किया। प्रायोगिक प्लेटफॉर्म ने समुद्र तल से 21 किमी की ऊंचाई हासिल की और 20 किमी की ऊंचाई पर 30 मिनट से अधिक समय तक स्थिर रहा। यह लंबी अवधि वाला समतापमंडलीय प्लेटफॉर्म उपग्रहों और ड्रोनों के बीच के अंतर को पाटकर निरंतर सीमा निगरानी को सक्षम करेगा।
21 किमी AMSL ऊंचाई और 20 किमी पर 30 मिनट से अधिक उड़ान
एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (ADRDE) आगरा द्वारा विकसित
IAF, CEMILAC, DGCA और AAI के समन्वय से परीक्षण संपन्न
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु HAPS की तकनीकी विशेषताएं व समतापमंडलीय परिचालन तथा मुख्य परीक्षा GS-3 (रक्षा स्वदेशीकरण और सीमा निगरानी तकनीक)।
Source: PIB
Science & Technology
असममित कार्बनिक संश्लेषण और ऑटो-उत्प्रेरण हेतु 2026 का रसायन नोबेल घोषित
रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने 2026 का रसायन विज्ञान नोबेल पुरस्कार हेनरी बी. कागन और केंसो सोआयी को प्रदान करने की घोषणा की। वैज्ञानिकों को असममित उत्प्रेरण में नॉन-लीनियर प्रभावों और असममित ऑटो-उत्प्रेरण (Soai reaction) की युगांतरकारी खोज के लिए चुना गया। इस शोध ने जीवन के अणुओं में समरूप काइरालिटी (Homochirality) की पहेली सुलझाने और सुरक्षित औषधियों के संश्लेषण को नई दिशा दी है।
विजेता: Henri B. Kagan (फ्रांस) एवं Kenso Soai (जापान)
खोज: Non-linear effects and autocatalysis in asymmetric organic synthesis
महत्व: जीवन की उत्पत्ति में एकल काइरालिटी और उन्नत औषधि निर्माण
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए काइरल अणु (Chirality), सोआयी अभिक्रिया तथा मुख्य परीक्षा GS-3 (आणविक रसायन और फार्मास्युटिकल अनुप्रयोग)।
Source: Science & Tech
अनुसंधान व नवाचार कोष ने ₹7,131 करोड़ की प्रथम किस्त मंजूर की
सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (EGoS) ने 8 अक्टूबर 2026 को ₹1 लाख करोड़ के RDI कोष के तहत 19 सेकंड-लेवल फंड प्रबंधकों के लिए ₹7,131 करोड़ की प्रतिबद्धता को मंजूरी दी। इसके अंतर्गत 14 वैकल्पिक निवेश कोषों (AIFs) और 5 केंद्रित अनुसंधान संगठनों (FROs) को पहली बार रणनीतिक अनुसंधान हेतु चयनित किया गया। अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) द्वारा संचालित यह पहल उच्च जोखिम वाले डीप-टेक और रणनीतिक क्षेत्रों में निजी निवेश को उत्प्रेरित करेगी।
₹1 लाख करोड़ की कुल RDI योजना के तहत ₹7,131 करोड़ स्वीकृत
14 Alternative Investment Funds (AIFs) और 5 Focused Research Organisations (FROs) को चयन
ANRF (DST) के तहत स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई द्वारा क्रियान्वयन
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु ANRF और RDIF का ढांचा तथा मुख्य परीक्षा GS-3 (आरएंडडी वित्तपोषण, नवाचार पारिस्थितिकी और आत्मनिर्भर भारत)।
Source: PIB
जिंक-एयर बैटरी हेतु भारतीय वैज्ञानिकों ने विकसित किया धातु-मुक्त उत्प्रेरक
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थानों SNBNCBS कोलकाता, INST मोहाली और SRM यूनिवर्सिटी ने जिंक-एयर बैटरी हेतु TTT-DHTD नामक कार्बनिक उत्प्रेरक विकसित किया। यह छिद्रयुक्त कोवेलेंट ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (COF) एयर-इलेक्ट्रोड पर ऑक्सीजन रिडक्शन रिएक्शन (ORR) में प्लैटिनम की तुलना में लगभग 96% दक्षता प्रदर्शित करता है। बिना किसी दुर्लभ धातु के निर्मित यह उत्प्रेरक 120 घंटे तक स्थिर रहा, जिससे अगली पीढ़ी की सस्ती स्वच्छ ऊर्जा भंडारण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
व्यावसायिक प्लैटिनम उत्प्रेरक की तुलना में 96% कार्यक्षमता
120 घंटे के निरंतर संचालन में उच्च रासायनिक स्थिरता
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु जिंक-एयर बैटरी का कार्यसिद्धांत तथा मुख्य परीक्षा GS-3 (स्वच्छ ऊर्जा भंडारण और दुर्लभ खनिजों पर निर्भरता में कमी)।
Source: PIB
साइबर धोखाधड़ी व डीपफेक से निपटने को पीएम मोदी का वैश्विक आह्वान
इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल अपराधों के विरुद्ध एक वैश्विक विनियामक ढांचे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी और डीपफेक सीमाओं से परे हैं, अतः सरकारों, टेक कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और दूरसंचार ऑपरेटरों को साझा तंत्र बनाना चाहिए। प्रौद्योगिकी के विस्तार हेतु 'विश्वास' को अनिवार्य बताते हुए उन्होंने डिजिटल डिवाइड को पाटने में डिजिटल इंडिया की सफलता को रेखांकित किया।
10वां इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026
वैश्विक रूपरेखा में सरकारें, टेक प्लेटफॉर्म, बैंक व टेलीकॉम कंपनियां शामिल
मूल सिद्धांत: विश्वास अर्जित करने पर ही प्रौद्योगिकी व्यापक पैमाना हासिल करती है
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए साइबर सुरक्षा शब्दावली तथा मुख्य परीक्षा GS-3 (साइबर सुरक्षा चुनौतियां, एआई डीपफेक विनियमन और वैश्विक डिजिटल गवर्नेंस)।
Source: The Hindu
इसरो कर्मचारी संघों ने निजीकरण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर उठाई चिंता
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के 9 कर्मचारी संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाली संयुक्त कार्य परिषद (JAC) ने इसरो अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन से तत्काल बैठक का अनुरोध किया। कर्मचारी संघों ने अंतरिक्ष क्षेत्र के निजीकरण, प्रक्षेपण यान प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण और इसरो की भविष्य की भूमिका को लेकर चिंता जताई। यह कदम राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति और IN-SPACe के तहत निजी क्षेत्र के विस्तार के बीच सार्वजनिक अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़ा है।
9 कर्मचारी संघों की संयुक्त कार्य परिषद (JAC) द्वारा पत्र प्रेषित
अध्यक्ष: डॉ. वी. नारायणन
प्रमुख विषय: प्रक्षेपण यानों का परिचालन और निजी क्षेत्र को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु भारतीय अंतरिक्ष नीति और IN-SPACe तथा मुख्य परीक्षा GS-3 (अंतरिक्ष क्षेत्र में सार्वजनिक बनाम निजी भागीदारी व आंतरिक चुनौतियां)।
Source: The Hindu
उपग्रह संचार स्पेक्ट्रम आवंटन निष्पक्ष, केंद्र ने मस्क के आरोपों को नकारा
संचार मंत्रालय ने भारत में उपग्रह आधारित ब्रॉडबैंड सेवाओं (Satcom) के नियमन पर लगाए गए पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें भ्रामक बताया। स्पेसएक्स के संस्थापक एलोन मस्क ने आरोप लगाया था कि भारतीय एकाधिकारवादी समूह स्टारलिंक के प्रवेश को रोक रहे हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि गैर-भूस्थिर उपग्रह कक्षा (NGSO) आधारित सभी GMPCS लाइसेंसधारकों के लिए सुरक्षा जांच और स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया समान व गैर-भेदभावपूर्ण है।
लाइसेंसिंग श्रेणी: Global Mobile Personal Communication by Satellite (GMPCS)
प्रौद्योगिकी: गैर-भूस्थैतिक कक्षा (NGSO) आधारित उपग्रह संचार
नियमन: दूरसंचार अधिनियम और राष्ट्रीय सुरक्षा शर्तों के तहत समान मूल्यांकन
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए GMPCS और NGSO उपग्रह तंत्र तथा मुख्य परीक्षा GS-3 (दूरसंचार अधिनियम, उपग्रह इंटरनेट और डिजिटल प्रतिस्पर्धा)।
Source: The Hindu
Polity & Governance
फर्मा कंपनियों के अनैतिक विपणन पर सुप्रीम कोर्ट ने समिति गठन का दिया आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दो सप्ताह के भीतर एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश दिया ताकि फार्मास्यूटिकल कंपनियों के अनैतिक विपणन पर रोक लगाई जा सके। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने जांच करने को कहा कि क्या डॉक्टरों को उपहार व प्रायोजन देने से रोकने हेतु स्वैच्छिक कोड को कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाया जाए। न्यायालय ने रेखांकित किया कि मौजूदा स्वैच्छिक व्यवस्था (UCPMP 2024) दवाओं के अनैतिक प्रचार को रोकने में पर्याप्त प्रभावी साबित नहीं हुई है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ का फैसला
मौजूदा ढांचा: यूनिफॉर्म कोड फॉर फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज (UCPMP) 2024
समिति को 2 महीने के भीतर वैधानिक कानून पर सिफारिशें देने का निर्देश
UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा हेतु UCPMP कोड तथा मुख्य परीक्षा GS-2 (स्वास्थ्य विनियमन, फार्मा उद्योग की जवाबदेही और चिकित्सा नैतिकता)।
Source: The Hindu
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