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दैनिक करेंट अफेयर्स — 10 अक्टूबर 2026

UPSC प्रीलिम्स और मेन्स के लिए आज की 6 ज़रूरी खबरें — मुख्य तथ्य और UPSC एंगल के साथ।

Science & Technology

प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के विज्ञापनों पर कड़े प्रतिबंध हेतु ड्रग्स रूल्स में संशोधन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स 1945 के नियम 65 में संशोधन का मसौदा जारी कर खुदरा और थोक विक्रेताओं द्वारा प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के विज्ञापनों पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है। वर्तमान नियमों के तहत केवल दवा निर्माताओं पर ऐसे विज्ञापनों के लिए पूर्व-मंजूरी की बाध्यता थी, जिससे वितरण श्रृंखला में विनियामक अंतर बना हुआ था। यह नीतिगत कदम शेड्यूल H, H1 और X दवाओं के अनधिकृत प्रचार और रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स और शेड्यूल H/H1/X दवाओं के विनियामक प्रावधान महत्वपूर्ण हैं; मुख्य परीक्षा जीएस-3 में स्वास्थ्य सुरक्षा, औषधि विनियमन और एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग से जुड़ा है।

Source: The Hindu

विश्व अंतरिक्ष सप्ताह 2026 संपन्न: 'रॉकेट रिवोल्यूशन' थीम पर ISRO के कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित विश्व अंतरिक्ष सप्ताह 4 से 10 अक्टूबर 2026 तक 'रॉकेट रिवोल्यूशन' (Rocket Revolution) थीम के तहत मनाया गया। यह सप्ताह स्पुतनिक-1 के प्रक्षेपण और 10 अक्टूबर 1967 को बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) के प्रभावी होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। ISRO के प्रमुख केंद्रों जैसे VSSC, LPSC और IIST ने छात्रों व जनता के लिए व्याख्यान, प्रदर्शनी और साउंडिंग रॉकेट प्रक्षेपण का आयोजन किया।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में Outer Space Treaty (1967) के प्रावधान और विश्व अंतरिक्ष सप्ताह की थीम पूछी जा सकती है; मुख्य परीक्षा जीएस-3 में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यानों के विकास पर केंद्रित है।

Source: The Hindu

5वां ERMED राष्ट्रीय सम्मेलन: चिकित्सा क्षेत्र में डिजिटल स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय चिकित्सा पुस्तकालय (NML) द्वारा 'डिजिटल हेल्थ रिसोर्सेज: रीडिफाइनिंग एक्सेस थ्रू लाइब्रेरीज' विषय पर 5वां राष्ट्रीय ERMED सम्मेलन आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य देश के सभी मेडिकल कॉलेजों और शोधकर्ताओं तक प्रतिष्ठित मेडिकल ई-जर्नल्स व डेटाबेस की निर्बाध डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराना है। सरकार ने साक्ष्य-आधारित नैदानिक पद्धतियों और अनुसंधान को सशक्त बनाने के लिए इसका नेटवर्क देश के सभी सुदूर चिकित्सा संस्थानों तक फैलाने पर बल दिया।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा के लिए ERMED कंसोर्टियम और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इन हेल्थकेयर महत्वपूर्ण है; मुख्य परीक्षा जीएस-2 व जीएस-3 में चिकित्सा शिक्षा और डिजिटल ज्ञान तंत्र से जुड़ा है।

Source: PIB

अंतरिक्ष क्षेत्र सुधार और ISRO की भूमिका पर कर्मचारी संगठनों से विमर्श

इसरो कर्मचारी संघों ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण नीति को लेकर प्रबंधन से स्पष्टीकरण का अनुरोध किया। इसरो नेतृत्व ने आश्वस्त किया कि वर्तमान सुधारों का उद्देश्य एजेंसी का निजीकरण नहीं, बल्कि इसरो की अनुसंधान भूमिका को विस्तार देना है। इसके तहत परिपक्व विनिर्माण निजी क्षेत्र को सौंपकर इसरो को मानव अंतरिक्ष उड़ान और डीप-स्पेस खोज जैसे अभियानों पर केंद्रित किया जा रहा है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में IN-SPACe, NSIL और भारतीय अंतरिक्ष नीति के अधिदेश पूछे जा सकते हैं; मुख्य परीक्षा जीएस-3 में अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का उदारीकरण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी की चुनौतियां शामिल हैं।

Source: Science & Tech

सीएमसी वेल्लोर में 11वां अंतर्राष्ट्रीय सेल एवं जीन थेरेपी सम्मेलन आयोजित

वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC) में सेंटर फॉर स्टेम सेल रिसर्च द्वारा 11वें अंतर्राष्ट्रीय सेल और जीन थेरेपी सम्मेलन (CGTCON 2026) का आयोजन संपन्न हुआ। पूर्व IISc निदेशक प्रो. पी. बलराम ने अपने संबोधन में कहा कि उन्नत चिकित्सा समाधानों के लिए युवा वैज्ञानिकों को ऐतिहासिक शोध निष्कर्षों को आधार बनाना चाहिए। सम्मेलन में हेमेटोलॉजिकल, न्यूरोलॉजिकल विकारों, ऑर्गनॉइड्स और न्यूक्लिक एसिड डिलीवरी तकनीकों की नवीनतम प्रगति पर विमर्श हुआ।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में सेल और जीन थेरेपी, स्टेम सेल और CAR-T सेल से संबंधित अवधारणाएं पूछी जा सकती हैं; मुख्य परीक्षा जीएस-3 में जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य अनुप्रयोगों के लिए उपयोगी है।

Source: The Hindu

Security & Defence

भारतीय नौसेना में स्वदेशी एंटी-सबमरीन क्राफ्ट 'मांगरोल' शामिल करने की घोषणा

कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा निर्मित तीसरे एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट 'मांगरोल' (Mangrol) के नौसेना में औपचारिक प्रवेश की घोषणा की गई। 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित यह युद्धपोत विशेष रूप से तटीय और उथले जलक्षेत्रों में पनडुब्बी रोधी अभियानों के संचालन के लिए तैयार किया गया है। यह पोत अभय हल-माउंटेड सोनार, हल्के टॉरपीडो, रॉकेट लॉन्चर और मारीच डिकॉय प्रणाली से पूरी तरह लैस है।

UPSC के लिए: प्रारंभिक परीक्षा में ASW-SWC परियोजना, अभय सोनार और मारीच प्रणाली पर प्रश्न बन सकते हैं; मुख्य परीक्षा जीएस-3 में रक्षा स्वदेशीकरण और तटीय सुरक्षा प्रबंधन का मुख्य हिस्सा है।

Source: PIB

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